हनुमत्सहस्रनामस्तोत्रम्, Hanumat Sahasra Name Stotram

Post Views: 76 हनुमत्सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ से शत्रुनाश, संपत्ति प्राप्ति एवम् परकृत मारण,मोहन, उच्चाटन आदि अभिचार कर्मों का विनाश होता है। एक साधक को …

अध्याय -५२, ईशानीशिखर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 56 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले– ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ ईशानीशिखरं महत् ॥  यत्र गौर्या तपस्तप्तं सुपुण्यं लोकविश्रुतम् ॥ १ ॥ हे …

अध्याय -४९,रामतीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 18 ।।पुलस्त्य उवाच ॥ महर्षि पुलस्त्य ययाति से बोले– ॥ रामतीर्थं ततो गच्छेत्पुण्यमृषिनिषेवितम् ॥ तत्र स्नातस्य मर्त्यस्य जायते पापसंक्षयः ॥ १।। तत्पश्चात् प्राणी …

अध्याय -४८, कुलसन्तारण तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 35 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले– कुलसन्तारणं गच्छेत्तत्र तीर्थमनुत्तमम् ॥  यत्र स्नातो नरः सम्यक्कुलं तारयतेऽखिलम् ॥१॥ हे राजन् ! तत्पश्चात् प्राणी …

अध्याय -४७,गौतमाश्रम तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 24 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–  ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ सुपूर्णं गौतमाश्रमम् ॥  यत्र पूर्वं तपस्तप्तं गौतमेन महात्मना ॥१॥ हे राजेन्द्र! व्यास तीर्थ …

अध्याय -४६,व्यास तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 2 ।।पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ ततो व्यासेश्वरं गच्छेद्व्यासेन स्थापितं हि यत् ॥ तं दृष्ट्वा जायते मर्त्त्यो मेधावी मतिमाञ्छुचिः ॥ सप्तजन्मान्तराण्येव …

अध्याय -४५,देवखात तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 2 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  पुलस्त्य जी बोले–  ॥ देवखातं ततो गच्छेत्सुपुण्यं तीर्थमुत्तमम् ॥ यत्ख्यातिर्विबुधै: सर्वैः स्वयमेव व्यधीयत ॥ १ ॥  तत्पश्चात् प्राणी …

अध्याय -४४, गजतीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 3 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ गजतीर्थमुत्तमम् ॥ यत्र पूर्व तपस्तप्तं दिग्गजैर्भावितात्मभिः ॥ १ ॥ हे राजश्रेषृठ ! तत्पश्चात् …

अध्याय -४३, सिद्धेश्वर महादेव का माहात्म्य

Post Views: 12  ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–  ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ सिद्धलिङ्गं सुसिद्धिदम् ॥ सिद्धैस्तु स्थापितं लिङ्गं सर्वपातकनाशनम् ॥ १ ॥ हे राजेन्द्र! …

अध्याय -४२,उद्दालकेश्वर का माहात्म्य

Post Views: 28 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  पुलस्त्य जी बोले–  ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ लिंगं पापहरं परम् ॥  उद्दालकेन मुनिना स्थापितं लोकविश्रुतम् ॥ १ ॥ हे राजेन्द्र! …

अध्याय-४१, मार्कण्डेयाश्रम की उत्पत्ति का माहात्म्य

Post Views: 30 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–   ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ मार्कण्डेयस्य चाश्रमम् ।।  यत्र पूर्वं तपस्तप्तं मार्कण्डेन महात्मना ॥ १ ॥ हे …

अध्याय- ४०, कामेश्वर माहात्म्य

Post Views: 40 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ ततः कामेश्वरं गच्छेत्तत्र कामप्रतिष्ठितम् ।। यस्मिन्दृष्टे सदा मर्त्यः सुरूपः सुप्रभो भवेत् ॥ १ ॥ …

शिवलिंगमाहात्म्यपूर्वक सत्तू के दान का माहात्म्य

Post Views: 42 अध्याय-३९ ।।ययातिरुवाच ॥ ययाति जी बोले —  ॥ यत्त्वया कीर्तितं ब्रह्मन्पूर्वं देवः प्रसादितः ॥  लिङ्गं संस्थापयामास स्थिररूपो महेश्वरः ॥ १ ॥ हे …